top of page

एक ख़त तुम्हारे नाम

Updated: Feb 25, 2020

आज वक़्त को गुजरते देख रहा था, सोचा, क्यों न वक़्त से कुछ बातें कर लेता हूँ,

हर वर्ष की तरह ये भी कुछ खास रहा, नए दोस्त मिले, नई उम्मीद मिली किसी का साथ छोड़ा तो किसी का हाथ थामा, कोई मुझसे ख़फ़ा हुआ, तो किसी से मैं, किसी ने साथ दिया, किसी ने भरोशा दिखाया,

ऐसे तो वर्ष कुछ खास न होता, अगर तुम न होते, तुमने मुझे बहुत कुछ सिखाया, अपने हक़ के लिए खड़ा होना और सोच समझ के भरोशा करना, उम्मीद तो तुमसे कुछ न किया, पर तुमने खूब दिखाया, कभी खूब झगड़ा तो कभी खूब प्यार दिखाया, कभी गुस्से मे डाँटा तो कभी प्यार से समझाया,


ये वक़्त तो कल की भांति आज भी गुजर जायेगा, वक़्त के साथ शायद तुम न गुजरो, तुम्हारी बातें और मुलाकातें, सब याद रखूँगा बस वक़्त के साथ कभी मुझें भी याद कर लेना।

This is a love poetry
Ek khat tumahare naam

Comments


Post: Blog2_Post

Subscribe Form

Thanks for submitting!

  • Facebook
  • Twitter
  • LinkedIn
  • Facebook

©2019 by Story that end before it start. Proudly created with Wix.com

bottom of page